जयपुर. गर्मी के दिनों में आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं. हांलाकि इनसे निपटने के लिए राजधानी में पर्याप्त दमकल वाहन मौजूद हैं. यहां के 12 फायर स्टेशनों पर 55 छोटे-बड़े दमकल वाहन हैं जो किसी भी घटना पर काबू पाने के लिए सक्षम है. इसके अलावा तंग गलियों में लगी आग पर पर काबू पाने के लिए मोटरसाइकिल दमकल और बड़ी बिल्डिंग के लिए 42 मीटर एएचएलपी मौजूद है जिससे आग पर काबू पाया जा सकता है. सभी दमकल वाहन पूरी तरह फिट भी हैं.
लेकिन राजधानी में मौजूद फायर स्टेशनों पर इन दमकलों में पानी भरने के लिए ओवरहेड टैंक और अंडरग्राउंड टैंक नहीं उपलब्ध है. हालांकि बोरिंग ट्यूबवेल हाईड्रेंट स्टोर पानी की कमी को पूरी कर देते हैं. शहरी क्षेत्र काफी घना और बाजार संकरा होने की वजह से जगह-जगह हाईड्रेंट की जरूरत महसूस की जाते रही है जिसे देखते हुए जल्द ही फायर फाइटिंग सिस्टम विद पंप हाउस प्रोजेक्ट लाया जा रहा है.
वाहन हैं उपलब्ध
- छोटी-बड़ी कुल दमकल - 55
- मोटरसाइकिल दमकल - 19
- एएचएलपी - 1 (42 मीटर)
- मौका मुआयना टीयूवी/जिप्सी - 8
हालांकि इन पर्याप्त वाहनों के लिए शहर के फायर स्टेशनों पर ओवरहेड वाटर टैंक मौजूद नहीं है. सीएफओ जगदीश फुलवारी के अनुसार राजधानी के सभी 12 फायर स्टेशन पर बोरिंग ट्यूबवेल हाईड्रेंट लगे हैं. एक फायर स्टेशन पर ओवरहेड टैंक भी बना हुआ है. इसके अलावा दो लाख लीटर वाले ओवरहेड और अंडर ग्राउंड वाटर टैंक के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है. उन्होंने बताया कि फायर स्टेशन के अलावा पीएचइडी के वाटर टैंक की भी हेल्प ली जाती है.




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